देहरादून: राजधानी देहरादून में एसटीएफ, साइबर क्राइम पुलिस और दूरसंचार विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे एक कॉल सेंटर का खुलासा किया है। जीएमएस रोड स्थित कमला पैलेस के पास कैरियर हाउस बिल्डिंग में संचालित कार्यालय पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 32 स्लॉट वाला DINSTAR सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, राउटर, एटीएम कार्ड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर के कंपनी मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस कॉल सेंटर में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां कमीशन के आधार पर काम कर रहे थे।
तकनीकी जांच के बाद हुई कार्रवाई
एसटीएफ को कॉल सेंटर की गतिविधियों को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच शुरू की। जांच में संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद दूरसंचार विभाग को साथ लेकर जीएमएस रोड स्थित कार्यालय में छापेमारी की गई।
तलाशी के दौरान 32 स्लॉट वाला DINSTAR सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
लैपटॉप में मिला वित्तीय संस्थानों से जुड़ा डेटा
पुलिस के अनुसार, बरामद लैपटॉप की जांच में कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिलने की बात सामने आई है। इसमें SBI, Bank of Baroda, Axis Bank, Poonawalla Finance, Yes Bank और RBL समेत अन्य संस्थानों से जुड़ी जानकारी शामिल बताई गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डेटा कॉल सेंटर तक कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
क्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों से संपर्क
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर फोन किए जाते थे। पुलिस का आरोप है कि कुछ मामलों में ग्राहकों पर जल्द पैसे जमा कराने के लिए दबाव बनाया जाता था और धमकी देने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर में करीब 39 युवक-युवतियां कमीशन के आधार पर काम कर रहे थे। इन कर्मचारियों की भूमिका और उनके काम से संबंधित जानकारी भी जांच का हिस्सा है।
निर्धारित नंबर सीरीज की जगह व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल
एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर से निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जा रहा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, सिम बॉक्स तकनीक के जरिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कॉल संचालित की जा सकती हैं और इससे कॉल के वास्तविक स्रोत की पहचान को लेकर जांच चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसी वजह से पुलिस इस पूरे सेटअप की तकनीकी जांच कर रही है।
दो मैनेजर गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में लक्ष्मण प्रसाद निवासी महोबा, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी चंद्रमणि, देहरादून और जगमोहन सिंह रावत निवासी नई दिल्ली को गिरफ्तार किया है। लक्ष्मण प्रसाद को कंपनी मैनेजर और जगमोहन सिंह रावत को रीजनल मैनेजर बताया गया है।
एसटीएफ के अनुसार, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में BNS की धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5), IT Act की धारा 66(C), 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(1), 42(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब कॉल सेंटर के संचालन, बरामद डेटा, सिम बॉक्स के इस्तेमाल और संभावित वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
मुख्य बातें:
- 32 स्लॉट वाला DINSTAR सिम बॉक्स बरामद
- 45 सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले
- दो मैनेजर गिरफ्तार
- 39 युवक-युवतियों के कमीशन पर काम करने की जानकारी
- कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संबंधित क्रेडिट कार्ड डेटा मिलने का दावा
- साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज











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