अब OTP और Face Scan से होगा पेंशन सत्यापन, बुजुर्गों को बड़ी राहत

देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उत्तराखंड में पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब पेंशनर घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकते हैं, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि अकेले देहरादून जनपद में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी को सुविधा देने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए पेंशनर आसानी से ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में मिल रहा प्रशिक्षण

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में लगातार डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपडेट कराने के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में स्वयं घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकें।

जिलाधिकारी ने दिए डिजिटल सत्यापन बढ़ाने के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालते ही कोषागार का निरीक्षण किया और अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए। उनका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे सुरक्षित और सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराना है।

घर बैठे ऐसे करें जीवन प्रमाण सत्यापन

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के जरिए ऑपरेटर आईडी बनाकर स्वयं भी ऑनलाइन सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि—

  • आधार कार्ड अपडेट हो
  • आधार नंबर मोबाइल नंबर से लिंक हो
  • आधार को कोषागार रिकॉर्ड से जोड़ा गया हो

IFMS ऐप से डाउनलोड करें पेंशन स्टेटमेंट

इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (Active/Inactive) ऑनलाइन देख सकते हैं। साथ ही वे घर बैठे अपनी पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर भी जारी

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार ने हेल्पलाइन नंबर 8899890000 जारी किया है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

पेंशनरों को दी गई साइबर सुरक्षा की सलाह

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने पेंशनरों से अपील की है कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त OTP किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। केवल अधिकृत और विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

उन्होंने बताया कि देहरादून में रहने वाले अन्य जनपदों के पेंशनर भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

पेंशनरों ने सराहा डिजिटल व्यवस्था

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में उन्हें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में आसानी से घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस पहल को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

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