Iran Deal के बाद सार्वजनिक समारोह टला: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते (Iran Deal) के बाद स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक समारोह आखिरी समय में टाल दिया गया है। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी प्रस्तावित थी, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल न होने का फैसला कर लिया।
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने समारोह के स्थगित होने की पुष्टि की है। यह कार्यक्रम 19 जून को आयोजित होना था और इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा था।
कट्टरपंथी विरोध के कारण पीछे हटा ईरान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के भीतर कट्टरपंथी समूहों और प्रभावशाली राजनीतिक वर्ग ने इस समारोह का विरोध किया। उन्हें आशंका थी कि ईरानी अधिकारी अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ मंच साझा करेंगे या सार्वजनिक रूप से हाथ मिलाते दिखाई देंगे।
ईरान की इस आशंका के पीछे घरेलू राजनीति और जनभावनाएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में अमेरिका के साथ सार्वजनिक निकटता दिखाना ईरानी नेतृत्व के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है।
14-सूत्रीय समझौते के बाद बढ़ी थीं उम्मीदें
बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करना और संवाद की नई शुरुआत करना बताया गया।
इस समझौते के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा, लेकिन समारोह के टलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा भी रद्द
इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शामिल होने की भी संभावना थी, लेकिन उनकी यात्रा भी अंतिम समय में रद्द कर दी गई।
अब अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के बीच होने वाली आगे की बातचीत बंद कमरों में जारी रहेगी। इन वार्ताओं में स्विट्जरलैंड मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
IRGC से जुड़े सूत्रों ने जताई चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अमेरिका के साथ सार्वजनिक मंच साझा करना देश के भीतर गलत संदेश दे सकता है।
सूत्रों के अनुसार, संघर्ष में मारे गए लोगों और हालिया घटनाओं के बाद जनता के एक वर्ग में गुस्सा मौजूद है। ऐसे माहौल में अमेरिकी अधिकारियों के साथ दिखाई देना राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकता है।
60 दिनों तक जारी रहेगी बातचीत
हालांकि सार्वजनिक समारोह टल गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर काम जारी रहेगा। तकनीकी और कूटनीतिक मुद्दों पर बातचीत अगले 60 दिनों तक चलने की संभावना है।
जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों की सहमति से इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रम भले टल गया हो, लेकिन बातचीत की प्रक्रिया पूरी तरह रुकी नहीं है।
Iran Deal के बाद अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन स्विट्जरलैंड समारोह का टलना बताता है कि दोनों देशों के बीच विश्वास का रास्ता अभी आसान नहीं है। घरेलू राजनीति, जनभावनाएं और क्षेत्रीय समीकरण आने वाले समय में इस समझौते की सफलता तय करेंगे।















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