एमडीडीए का सख्त संदेश: बिना अनुमति निर्माण किया तो सीधे होगी सीलिंग

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर शुक्रवार को प्रवर्तन टीम ने ऋषिकेश और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कर रहे भवनों पर कार्रवाई करते हुए कई निर्माणों की जांच की गई और एक भवन को सील कर दिया गया।

ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के बन रहा भवन सील

एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश के निर्मल ब्लॉक-बी, द गंगाज के निकट निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्राधिकरण ने भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

देहरादून के कई क्षेत्रों में चला निरीक्षण अभियान

ऋषिकेश में कार्रवाई के बाद एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी समेत आसपास के क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वीकृत मानचित्रों का मौके पर हो रहे निर्माण कार्य से मिलान किया। कई निर्माणकर्ताओं से आवश्यक दस्तावेज और स्वीकृत नक्शे भी प्रस्तुत करने को कहा गया।

स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण मिलने पर कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

एमडीडीए का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले- अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होंगे बर्दाश्त

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले एमडीडीए से आवश्यक स्वीकृतियां और मानचित्र अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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