छात्र की मौत से IIT बॉम्बे में हड़कंप, परिजनों की शिकायत पर SC-ST एक्ट में केस

मुंबई: आईआईटी बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद संस्थान में शिक्षा व्यवस्था, छात्र सुरक्षा और कथित मानसिक उत्पीड़न को लेकर सवाल उठे हैं। छात्र 18 सितंबर की शाम अपने कमरे में मृत पाया गया था। घटना के बाद छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन कर पारदर्शिता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।

मृत छात्र के माता-पिता ने पवई पुलिस थाने में संस्थान के फैकल्टी टीचर समेत वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने मामले में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट भी दर्ज की है।

माता-पिता की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्थान के डायरेक्टर और एक फैकल्टी टीचर ने उनके बेटे के साथ जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया और उसे मानसिक रूप से परेशान किया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि पिछले करीब तीन महीनों से छात्र को उसकी जाति को लेकर कथित तौर पर अपमानित किया जा रहा था और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनका बेटा दलित समुदाय से था और कथित मानसिक एवं जातिगत उत्पीड़न के चलते उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की जांच कर रही है।

वहीं, आईआईटी बॉम्बे ने इन आरोपों को खारिज किया है। संस्थान की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि छात्र की मौत की परिस्थितियों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। संस्थान ने यह भी कहा कि उसे छात्र के साथ इस तरह के कथित उत्पीड़न की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

आईआईटी बॉम्बे के मुताबिक, छात्र ने एक परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर उत्तर प्राप्त करने की कोशिश की थी और पकड़े जाने के बाद उसने यह कदम उठाया। हालांकि, छात्र के परिजनों की शिकायत में संस्थान के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल मुंबई पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। छात्र की मौत के वास्तविक कारण और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!