
देहरादून में राजकीय एवं शासकीय भूमि और परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जनपद में चिन्हित कुल 12,127 राजकीय परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी हो चुकी है। यानी अब तक करीब 51 प्रतिशत परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधीन आने वाली सरकारी भूमि एवं परिसंपत्तियों की Geo Referencing, मैपिंग और Verification का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ अतिक्रमण की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजकीय एवं शासकीय भूमि तथा परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति के साथ ही Geo Referencing, मैपिंग और Verification कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों के अधीन आने वाली सभी राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का Geo Referencing और Verification कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करें। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से उनके सीमांकन, निगरानी और संरक्षण में मदद मिलेगी।
प्रशासन के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी सरकारी संपत्ति की वास्तविक स्थिति, सीमाएं और स्थान संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति सामने आने पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने में भी सुविधा होगी।
बैठक में बताया गया कि जनपद में विभिन्न विभागों की कुल 12,127 चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष अब तक 6,219 परिसंपत्तियों की मैपिंग पूरी हो चुकी है। शेष परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं Geo Referencing का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से उन परिसंपत्तियों का मैपिंग एवं Verification कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए, जिनका काम अभी लंबित है।
उन्होंने कहा कि राजकीय एवं शासकीय भूमि सरकार की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं और उनकी सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए इन संपत्तियों की निगरानी मजबूत होगी और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरी सहित नगर निगम एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।













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