
नैनीताल: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर नैनीताल-उधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट का बयान सामने आया है। नैनीताल जिले के भीमताल पहुंचे सांसद ने नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत गौतम को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि कानून सर्वोपरि है और किसी पर लगाए गए आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला करना न्यायालय का काम है। उन्होंने अंकिता भंडारी को अपनी बेटी के समान बताते हुए उसकी मौत पर दुख जताया और कहा कि इस मामले में जो भी हुआ, वह गलत था तथा दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
सांसद अजय भट्ट भीमताल ब्लॉक कार्यालय में सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अपनी बात रखी। दुष्यंत गौतम को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि बिना साक्ष्य किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उनके अनुसार, संबंधित पक्ष की ओर से यह भी कहा गया है कि जिन तारीखों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उन दिनों वह कहीं बाहर थे और इस संबंध में लिखित जानकारी दी गई है।
अजय भट्ट ने कहा कि इस मामले में मीडिया ट्रायल भी हुआ है, जबकि आरोपों की सत्यता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेना न्यायालय का काम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आरोप लगने से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय होना चाहिए।

सांसद ने कहा कि अंकिता भंडारी की मौत बेहद दुखद थी और वह भी उसे अपनी बेटी की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कानून और न्यायिक प्रक्रिया को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय को ही निकालना चाहिए।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में लंबे समय से न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग उठती रही है। ऐसे में सांसद अजय भट्ट के इस बयान को मामले से जुड़े राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।











Leave a Reply