टिहरी गढ़वाल: चंबा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोटीगाड़ ने समाज सुधार की दिशा में एक सशक्त पहल करते हुए गांव में शादी-समारोहों सहित सभी मांगलिक आयोजनों में शराब के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत भवन कोटीगाड़ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान शीला देवी ने की, जिसमें गांव के महिला-पुरुषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक में गांव में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और “शराब नहीं, संस्कार” अभियान को मजबूती देने पर जोर दिया गया।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी प्रकार के सामाजिक या मांगलिक कार्यक्रम में शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, गांव में कोई भी व्यक्ति शराब पीकर या पिलाकर सामाजिक माहौल खराब नहीं करेगा।
इसके अलावा, बाहरी व्यक्तियों द्वारा गांव में शराब लाने या बेचने पर भी पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹51,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जिससे इस निर्णय को सख्ती से लागू किया जा सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जन्म, विवाह जैसे शुभ अवसरों पर अनावश्यक खर्च और दिखावे को सीमित किया जाएगा, ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।
इस मौके पर “शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि नशा समाज की जड़ों को कमजोर करता है और इसे समाप्त करने के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए गांव में “ग्राम समाज सुधार समिति, कोटीगाड़” का गठन किया गया। समिति में
- सीता देवी को अध्यक्ष
- बर्फ सिंह नेगी को उपाध्यक्ष
- नीमा देवी को सचिव
- सुषमा रावत को सह सचिव
- विजला देवी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
इसके अलावा विभिन्न वार्डों से कई सदस्यों को भी सर्वसम्मति से समिति में शामिल किया गया।
ग्राम प्रधान शीला देवी ने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय गांव के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। ग्रामीणों ने भी एकजुट होकर इस संकल्प को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में जगदीश बडोनी और लक्ष्मी बहुगुणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।












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