देहरादून में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़े आंदोलनकारियों की हालत बिगड़ने लगी है। लंबे समय से भूखे रहने और शारीरिक कमजोरी के कारण कई लोगों की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद कुछ आंदोलनकारियों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजना पड़ा।
बीते कई दिनों से नर्सिंग बेरोजगार एकता विहार धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया जब कुछ प्रदर्शनकारी परेड ग्राउंड की पानी की टंकी पर चढ़ गए। आंदोलन को समर्थन देने के लिए महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी टंकी पर पहुंचीं।
टंकी पर मौजूद आंदोलनकारी विनोद, धर्मेंद्र, कविता, आनंद और ज्योति रौतेला की हालत लगातार बिगड़ रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से भोजन न करने और शौच न होने के कारण गैस, एसिडिटी, चक्कर और कमजोरी की समस्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने भी स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कीटोसिस की स्थिति बन सकती है, जिससे शरीर कमजोर होने लगता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इधर, आंदोलन के उग्र होने के बाद मंगलवार देर रात हालात और तनावपूर्ण हो गए। टंकी पर मौजूद एक आंदोलनकारी ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, जिसके बाद नीचे मौजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारी भड़क उठे और परेड मैदान के पास मुख्य सड़क जाम कर दी। सड़क जाम होने से इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
नर्सिंग एकता मंच का कहना है कि उनका आंदोलन पिछले साढ़े पांच महीने से जारी है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि वर्षवार भर्ती करते हुए वरिष्ठता के आधार पर नियुक्तियां दी जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ कई दौर की वार्ता और आश्वासनों के बावजूद समाधान नहीं निकलने से आंदोलनकारी नाराज हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगों को लेकर शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।











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