लैंड फ्रॉड के 56 मामलों पर एक्शन, 8 में FIR और एक में SIT जांच के आदेश

देहरादून: उत्तराखंड में भूमि धोखाधड़ी, सरकारी जमीन पर कब्जे और अवैध प्लॉटिंग से जुड़े मामलों को लेकर गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देहरादून स्थित आयुक्त शिविर कार्यालय में आयोजित लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से सामने आए कुल 56 भूमि संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की गई।

बैठक में 12 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 8 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। वहीं एक मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए गए हैं। शेष 35 मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और विभागीय अधिकारियों को अभिलेखों एवं तथ्यों की जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप ने अधिकारियों से कहा कि लैंड फ्रॉड से जुड़े मामलों में प्रभावी और निष्पक्ष जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सरकारी भूमि पर कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, एमडीडीए और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। आयुक्त ने निर्देश दिए कि भूमि संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाए।

हरिद्वार के मामलों पर भी सख्त निर्देश

हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में ग्राम सभा की भूमि पर खेती किए जाने के मामले की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने यह पता लगाने के निर्देश दिए कि संबंधित भूमि पर खेती की अनुमति किसके निर्देश पर दी गई। साथ ही संबंधित फसल को नियमानुसार कुर्क करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हरिद्वार में केसर हिंद के नाम दर्ज भूमि के अन्य व्यक्तियों के नाम हस्तांतरण के मामले में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया, राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं कनखल के एक लैंड फ्रॉड मामले में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

देहरादून की 70 बीघा भूमि के मामले में जांच

देहरादून के भारूवाला क्षेत्र में एंग्लो इंडियन एवं डोमिसाइल समिति की करीब 70 बीघा भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित होने के मामले को भी बैठक में गंभीरता से लिया गया। आयुक्त ने संबंधित समिति का अधिनियम प्राप्त कर उसके बायलॉज का परीक्षण करने और भूमि हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया की जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

राजपुर रोड पर बहुउद्देशीय वित्तीय विकास निगम की भूमि से जुड़े प्रकरण में नगर निगम को सभी संबंधित अभिलेखों और विवरण के साथ रिपोर्ट देने को कहा गया।

कोटद्वार में अवैध प्लॉटिंग की भी जांच

कोटद्वार और पौड़ी में बिना अनुमति प्लॉटिंग किए जाने तथा निर्धारित अंश से अधिक भूमि विक्रय किए जाने के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में केवल वर्तमान रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय न लिया जाए, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुराने राजस्व अभिलेख, खसरा-खतौनी, नक्शे, रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि पुराने और वर्तमान अभिलेखों के मिलान से भूमि के वास्तविक स्वामित्व और हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लैंड फ्रॉड के मामलों में राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, एमडीडीए और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे या फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर संबंधित विभाग तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में वन संरक्षक वन विभाग कल्याणी, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ला, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण स्वतंत्र कुमार, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, एसडीएम डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व नितिन वशिष्ठ सहित नगर निगम, एमडीडीए और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, एसडीएम और संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

 

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