Gold Silver Rate Today: निवेशकों के लिए बुधवार की शुरुआत भी राहत भरी रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे बड़ी गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से अब लगभग ₹1.98 लाख प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
MCX Silver Price Today: 1 किलो चांदी का ताजा भाव
बुधवार को एमसीएक्स पर सितंबर एक्सपायरी वाली चांदी का भाव गिरकर ₹2,21,064 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
- पिछले बंद भाव: ₹2,23,189 प्रति किलो
- आज की गिरावट: ₹2,125 प्रति किलो
गौरतलब है कि 29 जनवरी 2026 को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था। मौजूदा कीमत इसके मुकाबले लगभग ₹1,98,984 प्रति किलो कम है।
Gold Price Today: सोना भी खुलते ही लुढ़का
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली।
एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव बुधवार को गिरकर ₹1,40,740 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
पिछला बंद भाव: ₹1,42,257 प्रति 10 ग्राम
आज की गिरावट: ₹1,517 प्रति 10 ग्राम
जनवरी 2026 में सोना पहली बार ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था। इसके बाद से अब तक इसकी कीमत करीब ₹60,000 प्रति 10 ग्राम तक घट चुकी है।
जुलाई में कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?
1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच दोनों धातुओं में लगातार गिरावट देखने को मिली।
चांदी
- 1 जुलाई: ₹2,30,384 प्रति किलो
- 15 जुलाई: ₹2,21,064 प्रति किलो
- कुल गिरावट: ₹9,320 प्रति किलो
सोना
- 1 जुलाई: ₹1,44,430 प्रति 10 ग्राम
- 15 जुलाई: ₹1,40,740 प्रति 10 ग्राम
- कुल गिरावट: ₹3,690 प्रति 10 ग्राम
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद बाजार की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय मांग पर बनी हुई है। यदि कमजोरी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, वे बाजार की चाल पर नजर रखते हुए चरणबद्ध निवेश (SIP या स्टैगर्ड बायिंग) पर विचार कर सकते हैं।
नोट: सोना और चांदी के भाव MCX वायदा कारोबार के अनुसार हैं। अलग-अलग शहरों में टैक्स, जीएसटी और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतों में अंतर हो सकता है।













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