एसजीआरआरयू की इंजीनियरिंग शिक्षा में बड़ी छलांग, अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण; AI आधारित तकनीकी शिक्षा पर होगा फोकस

देहरादून: उत्तर भारत में मेडिकल और हेल्थकेयर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुके श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRRU) ने अब इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम बढ़ाया है। बुधवार को विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अत्याधुनिक बहुमंजिला भवन का लोकार्पण किया गया। आधुनिक प्रयोगशालाओं, उन्नत मशीनों, आईटी आधारित शिक्षण संसाधनों और उद्योग केंद्रित शिक्षा प्रणाली से सुसज्जित यह भवन तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक पर जोर

कार्यक्रम का शुभारंभ यू-कॉस्ट (UCOST) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) दुर्गेश पंत तथा एसजीआरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रो. दुर्गेश पंत ने इंजीनियरिंग कॉलेज के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उच्च गुणवत्ता वाले फैकल्टी की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में एसजीआरआरयू देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने यू-कॉस्ट की ओर से हरसंभव सहयोग का भी आश्वासन दिया।

छात्रों को मिलेगा AI, Data Science और Machine Learning का प्रशिक्षण

कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य इंजीनियरिंग कॉलेज को देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में शामिल करना है, ताकि यहां के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनियों में बेहतर प्लेसमेंट मिल सके।

कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डीन डॉ. सोनिका कंडारी ने बताया कि छात्रों को Artificial Intelligence (AI), Data Science, Machine Learning सहित नई तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रथम वर्ष से ही इंडस्ट्री विजिट, गेस्ट लेक्चर, इनोवेशन प्रोग्राम और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जा रहा है।

IIT और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग

एसजीआरआरयू ने आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर, अल्बर्टा यूनिवर्सिटी और मैकमास्टर यूनिवर्सिटी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग की पहल की है।

इसके अलावा जर्मनी, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के विश्वविद्यालयों के साथ भी अकादमिक साझेदारी को लेकर बातचीत जारी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

बढ़ती मांग को देखते हुए सीटें बढ़ाने की तैयारी

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट और बोर्ड ऑफ गवर्नेंस को भेजा गया है।

छात्रों ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध विश्वस्तरीय सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुभवी फैकल्टी के लिए प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यहां प्राप्त शिक्षा उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।

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