भानियावाला-जौलीग्रांट रोड पर मंडरा रहा हादसे का खतरा? NHAI से फुट ओवरब्रिज की मांग

देहरादून। भानियावाला तिराहे से जौलीग्रांट अस्पताल तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के बीच पैदल यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने इस मार्ग पर फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने NHAI की डीजीएम सरिता बुदियाल को ज्ञापन सौंपकर भानियावाला-जौलीग्रांट मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था करने की मांग की।

पार्टी का कहना है कि भानियावाला से जौलीग्रांट के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, बुजुर्ग और अन्य स्थानीय लोग रोजाना सड़क के आर-पार आवागमन करते हैं। खासकर स्कूली बच्चों के लिए व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। पार्टी ने कहा कि वर्तमान में इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त सुरक्षित क्रॉसिंग अथवा फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था नहीं है।

ज्ञापन में कहा गया कि भानियावाला-जौलीग्रांट-ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण और लेन बढ़ने के बाद वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ उनकी गति भी बढ़ सकती है। ऐसे में सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सड़क चौड़ीकरण की योजना के साथ ही पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए।

पार्टी ने मांग की कि भानियावाला तिराहे से जौलीग्रांट अस्पताल के बीच उपयुक्त स्थान पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। साथ ही भानियावाला तिराहा, थानो चौक और दुर्गा चौक जैसे यातायात दबाव वाले स्थानों पर विशेष सड़क सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की गई।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि पार्टी विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे और स्थानीय लोग प्रतिदिन पैदल आवागमन करते हैं, इसलिए निर्माण योजना में फुट ओवरब्रिज को जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए।

ईष्टवाल ने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य स्थान पर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज को तकनीकी कारणों से स्थानांतरित करना संभव हो तो भानियावाला-जौलीग्रांट क्षेत्र में उसके निर्माण की संभावना पर विचार किया जाए। उन्होंने NHAI से संबंधित अधिकारियों की टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराने और पैदल यात्रियों की आवाजाही वाले स्थानों तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का आकलन करने की मांग की।

पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भानियावाला तिराहा, थानो चौक और दुर्गा चौक जैसे स्थानों पर यातायात दबाव और स्थानीय आवाजाही को देखते हुए ठोस सड़क सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का उद्देश्य केवल वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।

चौहान ने कहा कि सड़क चौड़ी होने के साथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग, फुट ओवरब्रिज, संकेतक और अन्य रोड सेफ्टी उपायों को भी परियोजना की तकनीकी योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि भानियावाला-जौलीग्रांट-ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण की परियोजना करीब 20 किलोमीटर लंबी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 743 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े विभिन्न इंजीनियरिंग प्रावधान भी शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने NHAI अधिकारियों से ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराने का अनुरोध किया।

इस दौरान राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, प्रचार सचिव विनोद कोटियाल और प्रेम सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य विकास कार्यों में बाधा डालना नहीं, बल्कि सड़क चौड़ीकरण के साथ स्थानीय जनता की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित कराना है।

 

 

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