देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश के कारण पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की स्थिति बन सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इन तीन जिलों में येलो अलर्ट
हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए इन जिलों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क मार्ग बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
27 सितंबर को भी कई जिलों में बदलेगा अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को भी उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दिन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट रहेगा।
वहीं उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोग मौसम की स्थिति पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों, गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में मौसम का यह बदलाव 27 सितंबर तक भी असर डाल सकता है, ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली ताजा सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।













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