देहरादून। देहरादून नगर निगम की पार्षदों के लिए निर्धारित इनोवा क्रिस्टा पिछले करीब सवा महीने से निगम परिसर से गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वाहन के उपयोग को लेकर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पार्षदों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वाहन के इस्तेमाल, लॉग बुक, पेट्रोल और मरम्मत पर हुए खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, यह वाहन वर्तमान में नगर निगम के बाहर उपयोग में लिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल एक पूर्व अधिकारी के स्तर से किया जा रहा है। हालांकि, वाहन किसके पास है, किस उद्देश्य से उपयोग हो रहा है और इसका आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है, इसे लेकर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
2018 से पार्षदों के उपयोग के लिए था निर्धारित
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में मेयर के लिए नई सरकारी कार खरीदे जाने के बाद पुरानी इनोवा क्रिस्टा को पार्षदों के उपयोग के लिए निर्धारित किया गया था। इस वाहन का इस्तेमाल शासन स्तर की बैठकों, जनप्रतिनिधियों के आधिकारिक कार्यों और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में किया जाता रहा है। लेकिन पिछले सवा महीने से वाहन निगम परिसर में उपलब्ध नहीं है।
पार्षदों ने उठाए पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल
वरिष्ठ पार्षद अमिता सिंह ने कहा कि पार्षदों के लिए आरक्षित वाहन आखिर किसके पास है और उसका उपयोग किस आधार पर किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने वाहन की लॉग बुक, पेट्रोल खर्च और मरम्मत पर हुए व्यय का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, पार्षद सतीश कश्यप ने कहा कि यदि नगर निगम की संपत्ति का निजी या नियमों के विपरीत उपयोग किया जा रहा है तो यह गंभीर अनियमितता का मामला है। इसकी विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को मेयर और नगर आयुक्त के समक्ष भी उठाया जाएगा। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई गई सरकारी संपत्ति का इस तरह उपयोग प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।













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