नशा मुक्त उत्तराखंड मिशन में तेजी, रायवाला केंद्र की व्यवस्थाओं की हुई गहन पड़ताल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने “नशा मुक्त उत्तराखंड” अभियान को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजय कुमार ने मंगलवार को राजकीय नशा मुक्ति केंद्र, रायवाला का निरीक्षण कर वहां संचालित उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध उपचार, काउंसलिंग (Counselling), पुनर्वास (Rehabilitation), चिकित्सीय सुविधाएं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अभिलेखों के रखरखाव का विस्तार से निरीक्षण किया।

लाभार्थियों से सीधे संवाद कर जाना हाल

निदेशक संजय कुमार ने केंद्र में भर्ती लाभार्थियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, उपचार और पुनर्वास से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लाभार्थी को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नशे की लत से बाहर निकलने में उन्हें बेहतर सहायता मिल सके।

परिवार और समाज पर भी पड़ता है नशे का असर

निरीक्षण के दौरान निदेशक ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें प्रभावी परामर्श (Counselling) और पुनर्वास (Rehabilitation) का मजबूत केंद्र भी बनाया जाना चाहिए।

जन-जागरूकता और बेहतर सुविधाओं पर दिया जोर

संजय कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा मुक्ति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने, पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जाए। उन्होंने स्वच्छता, अनुशासन और निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक समाज कल्याण जी.आर. नौटियाल, उपनिदेशक वासुदेव आर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल तथा राजकीय नशा मुक्ति केंद्र रायवाला की केंद्र प्रभारी डॉ. वैशाली भी उपस्थित रहीं।

इस दौरान अधिकारियों ने निदेशक को केंद्र की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों और वर्तमान में संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी दी।

‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को दोहराया

समाज कल्याण विभाग ने दोहराया कि राज्य में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए “नशा मुक्त उत्तराखंड” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!