अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर रंगारंग आयोजन, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दिखी सांस्कृतिक विविधता की झलक

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस 12 मई को उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग सेवा, मानवता और भारतीय सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए सेवा और समर्पण की भावना को दोहराया।

कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के सभागार में किया गया। शुभारंभ उत्तराखण्ड नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल की कुलसचिव डॉ. मनीषा ध्यानी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के प्रतापन, प्रो. डॉ. मालविका कांडपाल, प्रो. डॉ. ओम नारायण त्रिपाठी, डॉ. कीर्ति सिंह तथा स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने महान नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा ध्यानी ने कहा कि नर्स केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि हर पीड़ित चेहरे पर उम्मीद और विश्वास की रोशनी होती हैं। वहीं कुलपति प्रो. (डॉ.) के प्रतापन ने कहा कि किसी भी अस्पताल की असली पहचान वहां कार्यरत नर्सों की करुणा, अनुशासन और समर्पण से होती है।

स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस की थीम “Our Nurses, Our Future: Empowered Nurses Save Lives” रखी गई है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।

कार्यक्रम में 350 से अधिक बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम छात्र-छात्राओं ने लैंप लाइटिंग सेरेमनी में भाग लेते हुए मरीजों की सर्वोत्तम सेवा और संवेदनशील देखभाल की शपथ ली। डॉ. पोनमारी ने स्कूल ऑफ नर्सिंग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। लोकधुनों, पारंपरिक नृत्यों और संगीत प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर दिया। फैशन शो में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषाओं में आकर्षक प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता में संजना उनियाल प्रथम, भावना एवं मुस्कान संयुक्त रूप से द्वितीय तथा आरोही तृतीय स्थान पर रहीं।

“प्रादेशिक विविधता” कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मणिपुर और तिब्बत की संस्कृति, लोकपरंपराओं और वेशभूषाओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई। प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड को प्रथम, तिब्बत को द्वितीय तथा मणिपुर एवं बिहार को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस दौरान सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। नेशनल ड्रॉप बॉल टीम चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करने वाली एसजीआरआर यूनिवर्सिटी की छात्राएं अंजलि यादव, आकांक्षा, दिया रावत, साक्षी सुहानी और आकांक्षा शर्मा को विशेष सम्मान दिया गया। वहीं वेस्ट वॉरियर टीम के राहुल एवं उनकी टीम को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. दिनेश्वरी, रिबैका, कीर्ति हरजाई, रीना, कंचन नौटियाल और कोमल सहित कई शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का विशेष सहयोग रहा।

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